शब्दकोडे ३८

किशोर देवधर
सोमवार, 12 जुलै 2021

शब्दकोडे ३८

आडवे शब्द : 
१.     वखवखलेला, भुकेला, 
३.     मांजरी किंवा नदीच्या पात्रातील उघडी पडलेली जागा, 
७.     वस्तूंची निर्मिती करण्याची जागा, फॅक्टरी, 
१०.     उदोउदो करणे, डोक्यावर घेऊन नाचणे, 
१४.     खुबी, रहस्य, 
१५.     पिठाची गिरणी, 
१६.     डोळ्यावर आलेली झोपेची गुंगी, 
१७.     भिंतीवर चित्रे कोरलेली गुहा, 
१८.     पत्नी, बायको, 
२०.     एक भाषालंकार, 
२३.     चोविसावे नक्षत्र, 
२६.     हक्क, अधिकार किंवा खटला, 
२७.     पौर्णिमा, 
२९.     हर्ष, आनंद, 
३०.     हिंग, 
३२.     शुक्लकाष्ठ, नसती ब्याद, 
३४.     अनुशासन, 
३५.     ओंडका टाकून तात्पुरता उभारलेला पूल, 
३६.     थंड किंवा आल्हाददायक वाटणारे परदुःख

उभे शब्द : 
१.     तट किंवा टेहळणी करण्याचा किल्ल्यावरील उंचवटा, 
२.     जेथे आकाश जमिनीला टेकलेले दिसते, 
४.     समीक्षा, भाष्य, 
५.     प्रियकर, मित्र, 
६.     हट्ट, दुराग्रह, 
८.     स्थगित, रहीत, 
९.     बेअब्रू, अप्रतिष्ठा, 
११.     ब्रह्मसूत्र, जानवे, 
१२.     कुबेराचा सेवक, 
१३.     मनोहर, सुंदर, 
१५.     चेहऱ्‍याची ठेवण किंवा त्यावरील हावभाव, 
१८.     वचन, आश्वासन, 
१९.     निर्दय, खुनशी, 
२१.     हत्तीच्या गंडस्थळातून स्रवणारा रस, 
२२.     मदतीसाठी प्रार्थना, 
२३.     धूर्त, लुच्चा, 
२४.     सराव किंवा व्यायामशाळा, 
२५.     बंदिशाळा, तुरुंग, 
२६.     रसिकांनी दिलेली पसंतीची पावती, 
२८.     शिंपल्यातील प्राणी, 
२९.     अपचनाचा विकार, 
३०.     वाजवी, योग्य, 
३१.     छाप, मुद्रा, 
३३.     मिरवणुकीतील बैलाच्या अंगावर पांघरण्याची भरजरी चादर

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