शब्दकोडे क्र. 39

किशोर देवधर
सोमवार, 18 जुलै 2022

शब्दकोडे क्र. 39

उभे शब्द
१.     पायापासून डोक्यापर्यंत, 
२.     चोळीचा वगैरे कोपरा, 
३.     नन्नाचा पाढा, सततचा नकार, 
४.     एक भाषालंकार, 
५.     जव, शिवामूठीतील एक धान्य, 
६.     उपकार किंवा कर्ज, 
८.     शोक, आकांत, 
९.     आवाज विरहित शांतता, 
१०.     टोला, आघात, 
१३.     पिंजरा, 
१५.     घडलेल्या घटनांचा आढावा, 
१७.     अकार देणारे अक्षरावरचे कंसाकृती चिन्ह, 
१८.     ग्रामपंचायतीची कचेरी, 
१९.     हृदयातील पडदा, 
२२.     मधून पलीकडे दिसणारे, 
२३.     ही देणे म्हणजे समर्थन, दुजोरा, 
२४.     डोक्यावर ओझ्याखाली ठेवण्याची चिंधीची गुंडाळी, 
२५.     गुरांचा चारा, वाळलेली ज्वारीची ताटे, 
२६.     हर्ष, आनंद, 
२७.     डोक्यावर मारलेली हलकी चापट, 
२९.     पतदार, प्रतिष्ठित, 
३०.     सवलत, मुभा

आडवे शब्द
१.     म्हणजे अतिशय श्रीमंत माणूस, 
६.     मोसम, हंगाम, 
७.     चेहऱ्‍यावर पांढरे डाग उमटण्याचा विकार, 
८.     एकमेकात सामील होणे, एकमेकात मिसळण्याची क्रिया, 
११.     आपल्या देशाला या शस्त्राने टोकियो ऑलिंपिकमध्ये सुवर्णपदक मिळवून दिले, 
१४.     पर्वा, फिकीर, 
१६.     तिन्हीसांजेची उजळणी, 
१९.     नामस्मरण, 
२०.     गाईचा बछडा, 
२१.     हिशेब पूर्ण झाल्यानंतर हातात राहिलेली रक्कम, 
२२.     कुंभाराची भट्टी किंवा ओल्या भाताचा गोळा, 
२३.     लहान पुडी, गाठोडे, 
२५.     दुःखी, त्रासलेला, 
२६.     अनिर्बंध, मुक्त, 
२८.     ढोंग किंवा धर्मविरोधी वर्तन, 
२९.     छक्केपंजे माहीत नसलेला, 
३१.     पायऱ्‍या असलेली मोठी विहीर, 
३२.    ललाट, कपाळ

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